यह कहा मोदी ने
-यह संकल्प लें कि साल 2022 में देश की आजादी के 75 साल बाद हमारे किसानों की आय दोगुनी होनी चाहिए।
-किसान स्वाॅईल हैल्थ कार्ड का इस्तमाल करें। इससे उन्हें फसल बोवनी के बाद रोने की नौबत नहीं आएगी।
-सिर्फ यूरिया के फर्टिलाइजर का इस्तमाल न करें। कचरे से बनने वाले फर्टिलाइजर का भी इस्तमाल करें।
-नीम कोटिंग के यूरिया से खेती को फायदा है। सरकार इसे किसानों के लिए लेकर आएगी।
-अब फ्लड इरिगेशन की जरूरत नहीं है। ड्रिप इरिगेशन से खेती को फायदा है।
-बारिश में गिरने वाले पानी रोकने का प्रबंध होना चाहिए। इसके लिए सीमेंट के खाली बैग में रेत, मिट्टी भरकर बहने वाले पानी को रोका जा सकता है।
-मप्र में कृषि क्रांति आने का मुख्य कारण सिंचाई के क्षेत्र में इजाफा होना है।
- सरकार की योजना प्रधानमंत्री सिंचाई योजना लाने की है।
- 14 अप्रैल को बाबा आंबेडकर साहब की जयंती पर हम नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट की शुरूअात कर देंगे।
-इसके जरिए किसान चाहेगा तो वो अपने प्रदेश के भी बाहर गेंहू अपने घर से बेच सकेगा।
-इस योजना के बाद देश के सभी मंडियों में अनाज के भाव पता चल सकेंगे।
- आने वाले दिनों में नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट योजना लाने जा रहे हैं।
-केन्द्र सरकार अब खेती में टेक्नोलॉजी का इस्तमाल करना चाहती है, लेकिन किसानों के परंपरागत ज्ञान को भूला नहीं सकते।
-देश के इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी योजना लाई गई है।
-पहले कागजी कार्रवाई जटिल थी, लेकिन अब टेक्नोलॉजी का इस्तमाल होगा। 25 फीसदी राशि तत्काल मिलेगी। बाद की प्रक्रिया भी जल्द पूरी करेंगे।
-फसल काटने के बाद यदि खेत में पड़े ढेर को बारिश से नुकसान हुआ तो भी बीमा का लाभ मिलेगा।
-यह ऐसी योजना जिसमें बारिश नहीं होने से किसान ने यदि बोवनी नहीं की है तो भी उसे इसका लाभ मिलेगा।
-अकेले किसान का नुकसान हुआ तो भी उसे बीमा लाभ मिलेगा, पहले ऐसा नहीं होता था।
-किसान जितना बीमा अपनाएगा उसे उतनी राशि मिलेगी।
- फसल बीमा गाइडलाइन योजना के बाद देश में अन्न का भंडार भर जाएगा।
- जहां भी देख रहा हूं सिर्फ लोग ही लोग नजर आ रहे हैं।
- दस साल पहले मप्र खेती के मामले में पिछड़ा था, लेकिन किसानों ने सीएम शिवराज के साथ मिलकर कामयाबी का नया इतिहास लिख दिया।
- मप्र ने चार बार कृषि कर्मण सरकार जीता है जो मामूली बात नहीं है।
- देश के आर्थिक विकास में मप्र का अहम योगदान।
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